इस पोस्ट में, हम डेटा माइनिंग (Data Mining) और डेटा वेयरहाउसिंग (Data Warehousing) के बीच अंतर को समझेंगे।
डेटा माइनिंग (Data Mining)
यह डेटा पैटर्न निर्धारित करने के लिए उपयोग की जाने वाली एक प्रक्रिया है।
इसे डेटा के एक समुच्चय से उपयोगी डेटा निकालने की एक सामान्य विधि के रूप में समझा जा सकता है।
इस प्रक्रिया में डेटा का बार-बार विश्लेषण किया जाता है।
यह व्यावसायिक उद्यमियों और इंजीनियरों द्वारा सार्थक डेटा निकालने के लिए किया जाता है।
यह कई तकनीकों का उपयोग करता है जिसमें पैटर्न पहचान (pattern recognition) शामिल है ताकि डेटा में पैटर्न की पहचान की जा सके।
यह सिस्टम में होने वाली अवांछित त्रुटियों का पता लगाने में मदद करता है।
यह अन्य सांख्यिकीय डेटा प्रोसेसिंग तकनीकों की तुलना में लागत-कुशल (cost-efficient) है।
यह पूरी तरह से सटीक नहीं है क्योंकि वास्तविक दुनिया में कुछ भी आदर्श नहीं है।
डेटा वेयरहाउसिंग (Data Warehousing)
यह एक डेटाबेस सिस्टम है जिसे एनालिटिक्स करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
यह सभी प्रासंगिक डेटा को एक ही मॉड्यूल में जोड़ता है।
डेटा वेयरहाउसिंग की प्रक्रिया इंजीनियरों द्वारा की जाती है।
यहां, डेटा को समय-समय पर (periodic manner) संग्रहीत किया जाता है।
इस प्रक्रिया में, डेटा निकाला जाता है और रिपोर्टिंग में आसानी के लिए एक स्थान पर संग्रहीत किया जाता है।
इसे नियमित अंतराल पर अपडेट किया जाता है।
यही कारण है कि इसका उपयोग प्रमुख कंपनियों में किया जाता है, ताकि अप-टू-डेट रहा जा सके।
यह व्यवसाय के लिए हर प्रकार के डेटा को सरल बनाने में मदद करता है।
डेटा हानि संभव है यदि विश्लेषण के लिए आवश्यक डेटा डेटा वेयरहाउस में एकीकृत नहीं है।
यह बड़ी मात्रा में ऐतिहासिक डेटा संग्रहीत करता है जो उपयोगकर्ता को रुझानों और मौसमी का विश्लेषण करके आगे की भविष्यवाणियां करने में मदद करता है।