सेंट्रलाइज़्ड डेटाबेस एक ही स्थान (जैसे मेनफ्रेम) पर स्टोर होता है, वहीं से मेंटेन और एक्सेस होता है (LAN/WAN के ज़रिए)। कॉलेज, कंपनियां, बैंक इसका उपयोग करते हैं।
फायदे
- डेटा इंटीग्रिटी: सिंगल लोकेशन → कोऑर्डिनेशन आसान, डेटा सटीक और सुसंगत।
- कम रिडंडेंसी: डेटा एक जगह → डुप्लीकेशन रोकना आसान।
- बेहतर सुरक्षा: एक जगह → मज़बूत एक्सेस कंट्रोल।
- पोर्टेबिलिटी: डेटा एक ही जगह → मूव करना आसान।
- कम लागत: कम पावर और मेंटेनेंस।
- सिमल्टेनियस एक्सेस: सभी जानकारी एक साथ एक्सेस योग्य।
नुकसान
- धीमा एक्सेस: सारा डेटा एक जगह → खोज में समय लगता है, धीमे नेटवर्क पर और धीमा।
- बॉटलनेक: हाई ट्रैफिक → परफॉरमेंस गिरती है।
- कंकरेंसी इश्यू: एक साथ कई यूज़र्स → एफिशिएंसी कम।
- सिंगल पॉइंट ऑफ फेल्योर: रिकवरी प्लान न हो तो सिस्टम फेल होने पर पूरा डेटा खो जाता है।