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स्ट्रॉन्ग एंटिटी और वीक एंटिटी के बीच अंतर समझाया गया

स्ट्रॉन्ग एंटिटी (Strong Entity)

स्ट्रॉन्ग एंटिटी स्कीमा में किसी अन्य एंटिटी पर निर्भर नहीं होती। एक स्ट्रॉन्ग एंटिटी के पास हमेशा एक प्राइमरी की (Primary Key) होती है। ER डायग्राम में, स्ट्रॉन्ग एंटिटी को आयत (Rectangle) से दर्शाया जाता है। दो स्ट्रॉन्ग एंटिटी के बीच संबंध को डायमंड (Diamond) से दिखाया जाता है। स्ट्रॉन्ग एंटिटी के समूह को स्ट्रॉन्ग एंटिटी सेट कहते हैं।

वीक एंटिटी (Weak Entity)

वीक एंटिटी स्ट्रॉन्ग एंटिटी पर निर्भर करती है और संबंधित स्ट्रॉन्ग एंटिटी के बिना अस्तित्व में नहीं रह सकती। इसमें एक फॉरेन की (Foreign Key) होती है जो इसे स्ट्रॉन्ग एंटिटी से जोड़ती है। वीक एंटिटी को डबल आयत (Double Rectangle) से दर्शाया जाता है। स्ट्रॉन्ग और वीक एंटिटी के बीच संबंध को डबल डायमंड (Double Diamond) से दिखाया जाता है। फॉरेन की को पार्शियल डिस्क्रिमिनेटर की (Partial Discriminator Key) भी कहा जाता है।

स्ट्रॉन्ग एंटिटी और वीक एंटिटी के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर निम्नलिखित हैं:

क्रमांक पैरामीटर स्ट्रॉन्ग एंटिटी वीक एंटिटी
1 की (Key) स्ट्रॉन्ग एंटिटी के पास हमेशा एक प्राइमरी की होती है। वीक एंटिटी के पास स्ट्रॉन्ग एंटिटी की प्राइमरी की को संदर्भित करने वाली फॉरेन की होती है।
2 निर्भरता (Dependency) स्ट्रॉन्ग एंटिटी अन्य एंटिटी से स्वतंत्र होती है। वीक एंटिटी स्ट्रॉन्ग एंटिटी पर निर्भर होती है।
3 प्रतिनिधित्व (Represented by) स्ट्रॉन्ग एंटिटी को सिंगल आयत (Single Rectangle) से दर्शाया जाता है। वीक एंटिटी को डबल आयत (Double Rectangle) से दर्शाया जाता है।
4 संबंध प्रतिनिधित्व (Relationship Representation) दो स्ट्रॉन्ग एंटिटी के बीच संबंध को सिंगल डायमंड (Single Diamond) से दिखाया जाता है। स्ट्रॉन्ग और वीक एंटिटी के बीच संबंध को डबल डायमंड (Double Diamond) से दिखाया जाता है।
5 भागीदारी (Participation) स्ट्रॉन्ग एंटिटी एंटिटी संबंधों में भाग ले भी सकती है और नहीं भी। वीक एंटिटी हमेशा एंटिटी संबंधों में भाग लेती है।
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