एक बाइनरी रिलेशनशिप दो अलग-अलग एंटिटी के बीच का संबंध है यानी यह एक एंटिटी के रोल ग्रुप का दूसरी एंटिटी के रोल ग्रुप के साथ संबंध है।
बाइनरी रिलेशनशिप के लिए तीन प्रकार की कार्डिनैलिटी होती हैं:
- वन-टू-वन (One-to-One)
- वन-टू-मेनी (One-to-Many)
- मेनी-टू-मेनी (Many-to-Many)
वन-टू-वन (One-to-One)
यहां एक एंटिटी का एक रोल ग्रुप दूसरी एंटिटी के एक रोल ग्रुप से मैप होता है। सरल शब्दों में, एक एंटिटी का एक इंस्टेंस केवल दूसरी एंटिटी के एक इंस्टेंस के साथ मैप होता है।
इस प्रकार में एक एंटिटी की प्राइमरी की दूसरी एंटिटी में फॉरेन की के रूप में उपलब्ध होनी चाहिए।
उदाहरण: दो एंटिटी Person और Driver_License पर विचार करें।
Person में व्यक्ति की जानकारी होती है और Driver_License में व्यक्ति के ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी होती है। Driver_License से Person का रिलेशनशिप वैकल्पिक है क्योंकि सभी लोगों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता। जबकि Person से Driver_License का रिलेशनशिप अनिवार्य है यानी Driver_License का हर इंस्टेंस एक Person से संबंधित होना चाहिए।
एक व्यक्ति के पास केवल एक ड्राइविंग लाइसेंस नंबर होना चाहिए।
वन-टू-मेनी (One-to-Many)
एक एंटिटी का एक रोल ग्रुप दूसरी एंटिटी के कई रोल ग्रुप के साथ मैप होता है और दूसरी एंटिटी का एक रोल ग्रुप पहली एंटिटी के एक रोल ग्रुप के साथ मैप होता है।
उदाहरण: दो एंटिटी Project और Employee पर विचार करें।
एक Project में कई Employee काम कर सकते हैं लेकिन एक Employee हमेशा केवल एक Project में लगा रहेगा।
मेनी-टू-मेनी (Many-to-Many)
एक एंटिटी का एक रोल ग्रुप दूसरी एंटिटी के कई रोल ग्रुप के साथ मैप होता है और दूसरी एंटिटी का एक रोल ग्रुप पहली एंटिटी के कई रोल ग्रुप के साथ मैप होता है। इस तरह के रिलेशनशिप में एक तीसरी टेबल हमेशा जुड़ी होती है जो दो एंटिटी के बीच संबंध को परिभाषित करती है।
उदाहरण: दो एंटिटी Student और Books पर विचार करें।
कई Students के पास एक Book हो सकती है और कई Books एक Student को जारी की जा सकती हैं, इस तरह यह एक मेनी-टू-मेनी रिलेशनशिप है।
अब बीच में एक तीसरा रिलेशन Book_Issue होगा जो Student और Book एंटिटी के बीच संबंध को परिभाषित करता है। इसमें हर Student की जानकारी होगी जिसे Book जारी की गई है और कितने दिनों के लिए यानी यह जारी की गई सभी Books का ट्रैक रखेगा।