एंटिटी-रिलेशनशिप डायग्राम वास्तविक दुनिया को एंटिटी के रूप में देखता है। इसे 1976 में P.P.Chen द्वारा पेश किया गया था और इसे ER डायग्राम, E R मॉडल आदि के रूप में जाना जाता है।
निम्नलिखित एंटिटी-रिलेशनशिप डायग्राम के महत्व को दर्शाता है:
डेटाबेस डेवलपर की सहायता करता है (Assist the Database Developer)
ER डायग्राम टेबल के निर्माण शुरू होने से पहले ही डिजाइन में सहायता करता है।
आवश्यकताएं एकत्र करना (Requirements Gathering)
यह उपयोगकर्ताओं को यह योजना बनाने में मदद करता है कि डेटा को कैसे व्यवस्थित किया जाए।
डॉक्यूमेंटेशन टूल (Documentation Tool)
ER डायग्राम डेटाबेस के मूल को दूसरों को समझाने के लिए डॉक्यूमेंटेशन के रूप में काम कर सकते हैं।
डेटाबेस का तर्क (Logic of the database)
यह डेटाबेस की तार्किक संरचना को उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाता है।
ब्लूप्रिंट (Blueprint)
एक ER डायग्राम को डेटाबेस का ब्लूप्रिंट माना जाता है।