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अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें: नकली/इम्पोस्टर ऐप्स को पहचानें और उनसे बचें

नकली एंड्रॉइड ऐप्स के बढ़ने से हर किसी के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। हाल ही में, गूगल ने कई एंड्रॉइड ऐप्स को हटाया जो ऑफिशियल प्ले स्टोर में घुस आए थे, और मशहूर ऐप्स के रूप में पेश हो रहे थे। हम आमतौर पर ऑफिशियल ऐप सोर्स जैसे गूगल प्ले (एंड्रॉइड के लिए) और एपल ऐप स्टोर (आईफोन के लिए) पर भरोसा करते हैं ताकि मैलिशियस और नकली ऐप्स से बचे रहें। लेकिन सिर्फ इसलिए कि कोई ऐप गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद है, इसका मतलब यह नहीं कि वह असली ऐप है। कुछ सावधानियां ध्यान में रखकर आप उन नकली/मैलिशियस ऐप्स को पहचान सकते हैं और उनसे बच सकते हैं।

नकली ऐप्स में बुराई क्या है?

जब आप किसी अनजान सोर्स से ऐप डाउनलोड करते हैं, तो आप अनजाने में उन्हें अपने फोन के साथ जो चाहें करने की फ्री एक्सेस दे देते हैं। एक बार जब नकली ऐप आपके डिवाइस से समझौता कर लेता है (compromise), तो हैकर्स आपकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर सकते हैं और उन्हें रिमोटली एक्सेस कर सकते हैं। वे आपकी लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं, आपकी संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं और यहां तक कि आपके फोन से टेक्स्ट मैसेज भी भेज सकते हैं।

इसलिए, यह साफ है कि आपके फोन के लिए पासवर्ड प्रोटेक्शन हैकर्स से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है। एक बार जब कोई बाहरी व्यक्ति नकली ऐप के जरिए एक्सेस पा लेता है, तो आपने अपना संवेदनशील डेटा खो दिया। नकली या अनऑथराइज्ड ऐप इंस्टॉल करने से आपका डिवाइस एडवेयर (Adware) से भर जाता है। इन ऐप्स में मैलिशियस कोड होते हैं जो फेक सिक्योरिटी अलर्ट दिखाने, घुसपैठ वाले विज्ञापन दिखाने और चुपके से ढेर सारी पर्सनल इन्फॉर्मेशन इकट्ठा करने का काम करते हैं।

अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें: नकली/इम्पोस्टर ऐप्स को पहचानें और उनसे बचें

इमेज सोर्स: atozforex.com

ये ऐप्स यूजर्स को कैसे धोखा देते हैं?

हालांकि असली जैसे दिखने वाले नकली ऐप्स ऑफिशियल ऐप स्टोर में घुस सकते हैं, लेकिन कुछ खास संकेत हैं जिन्हें डाउनलोड और इंस्टॉल करने से पहले देखा जा सकता है। डेवलपर्स नकली ऐप को असली जैसा दिखाने की पूरी कोशिश करते हैं। वे ऐसे ऐप बनाते हैं जो असली चीज से अलग न दिखें। जैसे - वही आइकन और नाम इस्तेमाल करना, ताकि आप उसे डाउनलोड कर लें और फिर वे आपको विज्ञापनों से परेशान करें।

सबसे सफल नकली ऐप व्हाट्सऐप (WhatsApp) था जिसे प्ले स्टोर से हटाए जाने से पहले 10 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया था। यह इतना सफल इसलिए था क्योंकि यह असली व्हाट्सऐप लिस्टिंग से दिखने में लगभग समान था - आइकन, शब्दावली, और यहां तक कि डेवलपर का नाम भी दिखने में एक जैसा था।

ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए, नीचे दिए गए टिप्स फॉलो करें।

  • ऐप का नाम और डेवलपर चेक करें - ऐप पर इंस्टॉल क्लिक करने से पहले, टाइटल और डेवलपर का नाम दोबारा जांच लें, भले ही वे कितने ही छोटे हों आपका ध्यान भटकाने के लिए। नकली व्हाट्सऐप ऐप ने अपने डेवलपर ID को असली डेवलपर के नाम से मिलता-जुलता बनाने के लिए बहुत मामूली बदलाव किए थे।
  • गलत ग्रामर चेक करें - विभिन्न सर्वे के मुताबिक, इन नकली ऐप्स में से कई नॉन-इंग्लिश स्पीकिंग एशियाई या रूसी डेवलपर्स के लगते हैं। ऐप के विवरण में टूटी-फूटी इंग्लिश एक आम संकेत है कि वह नकली है।
  • डाउनलोड काउंट चेक करें - हमेशा डाउनलोड आंकड़े देखें। अगर फेसबुक, इंस्टाग्राम या व्हाट्सऐप जैसे ऐप का डाउनलोड नंबर असामान्य रूप से कम है, तो वह सबसे ज्यादा नकली ऐप है।
  • रिव्यू चेक करें - ऐप के रिव्यू पढ़ना न भूलें। हालांकि फेक रिव्यू (पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों) ऐप की रेटिंग बदल सकते हैं, लेकिन यूजर कमेंट्स फिर भी ऐप के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं।
  • अत्यधिक परमिशन - नकली ऐप्स आमतौर पर आपको परमिशन रिक्वेस्ट की लंबी लिस्ट से भर देते हैं ताकि आपको जरूरत से ज्यादा परमिशन देने के लिए धोखा दे सकें। उदाहरण के लिए, अगर एक नॉर्मल कैमरा ऐप या GIF मेकर एडमिनिस्ट्रेटर परमिशन मांगता है, तो उसे तुरंत डिलीट कर दें!

यह भी पढ़ें: एंड्रॉइड के लिए 5 अविश्वसनीय रूप से अजीब ऐप्स

नकली ऐप्स से कैसे निपटें?

  • एक आसान सुरक्षा उपाय जो हर कोई इस्तेमाल कर सकता है: एंड्रॉइड सेटिंग्स चेक करें और सुनिश्चित करें कि अनट्रस्टेड सोर्स से ऐप डाउनलोड की परमिशन न हो।
  • ऐप्स सीधे कंपनी की वेबसाइट या उनके सोशल मीडिया अकाउंट से डाउनलोड करें, ताकि आपको असली ऐप की पूरी गारंटी हो।
  • जिद्दी ऐप्स जिन्होंने आपके डिवाइस के एडमिनिस्ट्रेटर परमिशन पर कब्जा कर लिया है, उन्हें सेफ मोड (Safe Mode) में हटाने की कोशिश करें। दुर्भाग्य से, अगर यह काम न करे, तो आपके पास केवल डेटा वाइप करके फैक्ट्री रीसेट (Factory Reset) करने का विकल्प बचता है।
  • अगर आप कोई नया ऐप डाउनलोड करने वाले हैं, तो थोड़ी रिसर्च करें - ऐप कितनी बार इंस्टॉल हुआ है? सबसे ज्यादा डाउनलोड किया गया ऐप असली ऐप का एक महत्वपूर्ण संकेत है। ऐप रिव्यू पढ़ें, वहां उन यूजर्स की जानकारी मिल सकती है जो पहले ठगे जा चुके हैं।
  • क्लिक करने से पहले हमेशा सोचें। भले ही वन-क्लिक इंस्टॉल की जल्दी हो, लेकिन एक मिनट रुककर उन सभी संकेतों को याद कर लें जो बताते हैं कि ऐप नकली हो सकता है।

ये थे कुछ कमाल के ट्रिक्स और टिप्स जिन्हें फॉलो करके आप नकली ऐप्स के जाल में फंसने से बच सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी तो सब्सक्राइब करें और नीचे कमेंट करें। तब तक, हैप्पी रीडिंग।

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