साइबर अटैक्स से सबसे ज्यादा कौन प्रभावित?
- छोटे बिजनेस: साइबर सिक्योरिटी नजरअंदाज करते हैं, हैकर्स के आसान टारगेट
- हेल्थकेयर
- सरकारी एजेंसियां
- फाइनेंशियल संस्थान
- शिक्षा
- एनर्जी/यूटिलिटी कंपनियां
साइबर अटैक्स के 4 मुख्य प्रकार
- मैलवेयर (स्पायवेयर, वायरस, वर्म्स)
- फिशिंग
- मैन-इन-द-मिडल अटैक
- DoS (डिनायल ऑफ सर्विस) अटैक
- SQL इंजेक्शन, जीरो-डे एक्सप्लॉइट, पासवर्ड अटैक, XSS
साइबर सिक्योरिटी के की टर्म्स
- क्लाउड - इंटरनेट से फाइल्स/अकाउंट्स/ऐप्स एक्सेस
- सॉफ्टवेयर, डोमेन, VPN, IP एड्रेस
- एक्सप्लॉइट, ब्रीच, फायरवॉल
सिक्योरिटी में विभिन्न टर्म्स
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA)
- एडवेयर, बॉटनेट, DoS
- एन्क्रिप्शन, एक्सप्लॉइट, फायरवॉल, हैकर
साइबर सिक्योरिटी में 4 मुख्य वल्नरेबिलिटी प्रकार
- नेटवर्क वल्नरेबिलिटीज (हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर)
- OS वल्नरेबिलिटीज
- मानवीय वल्नरेबिलिटीज
- प्रोसेस वल्नरेबिलिटीज
कितने लोग साइबर सिक्योरिटी से प्रभावित?
2020 में डेटा ब्रीच से प्रभावित लोग 66% घटकर 300 मिलियन से 6 मिलियन हुए। साइबर अटैक्स सबसे आम कारण: 878 घटनाओं में 170 मिलियन लोग प्रभावित।
साइबर क्राइम का व्यक्तिगत प्रभाव
प्राइवेसी उल्लंघन, डेटा चोरी, हैकिंग, मालवेयर, आइडेंटिटी थेफ्ट, फाइनेंशियल/मेडिकल फ्रॉड, सहमति के बिना पर्सनल इन्फो/इमेज/वीडियो खुलासा।
साइबर सिक्योरिटी का सामाजिक प्रभाव
प्राइवेसी अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सूचना का मुक्त प्रवाह प्रभावित। अत्यधिक साइबर सिक्योरिटी कानून असहमति को सेंसर करते हैं, कम्युनिकेशन मॉनिटर करते हैं।