सबसे आम साइबर सुरक्षा खतरे
- मैलवेयर: सुरक्षा खतरे का सबसे आम रूप
- पासवर्ड चोरी: क्रेडेंशियल्स की चोरी
- ट्रैफिक इंटरसेप्शन: नेटवर्क ट्रैफिक को सुनना/पकड़ना
- फिशिंग अटैक: सोशल इंजीनियरिंग के जरिए डेटा चुराना
- DDoS अटैक: सर्विस को ओवरलोड करके ठप करना
- क्रॉस-साइट स्क्रिप्टिंग (XSS): वेब ऐप्स में恶意 स्क्रिप्ट इंजेक्ट करना
- जीरो-डे अटैक: अनजान वल्नरेबिलिटी का फायदा उठाना
साइबर सुरक्षा में 4 मुख्य वल्नरेबिलिटी प्रकार
- नेटवर्क वल्नरेबिलिटी: हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर की कमजोरियां जो अनधिकृत घुसपैठ की अनुमति देती हैं
- ऑपरेटिंग सिस्टम वल्नरेबिलिटी: OS लेवल की खामियां
- मानवीय वल्नरेबिलिटी: लोगों की गलतियां और सोशल इंजीनियरिंग
- प्रोसेस वल्नरेबिलिटी: सुरक्षा प्रक्रियाओं में कमजोर बिंदु
साइबर सुरक्षा के 5 प्रमुख खतरे
- रैंसमवेयर: डेटा एन्क्रिप्ट करके फिरौती मांगना
- फिशिंग: धोखाधड़ी से संवेदनशील जानकारी प्राप्त करना
- डेटा लीक: गोपनीय जानकारी का अनधिकृत खुलासा
- हैकिंग: सिस्टम में अनधिकृत घुसपैठ
- इनसाइडर थ्रेट: आंतरिक कर्मचारियों से खतरा
साइबर अटैक के 4 प्रकार (प्रमुख)
- मैलवेयर: स्पाईवेयर, वायरस, वर्म्स शामिल
- फिशिंग: सोशल इंजीनियरिंग अटैक
- मैन-इन-द-मिडल (MitM): कम्युनिकेशन इंटरसेप्ट करना
- डिनायल ऑफ सर्विस (DoS): सर्विस को अनुपलब्ध बनाना
- SQL इंजेक्शन: डेटाबेस में恶意 SQL कोड डालना
- जीरो-डे एक्सप्लॉइट: अनपैच्ड वल्नरेबिलिटी का फायदा
- पासवर्ड अटैक: ब्रूट फोर्स, डिक्शनरी अटैक
- क्रॉस-साइट स्क्रिप्टिंग: वेब ऐप वल्नरेबिलिटी
5 सबसे आम साइबर खतरे
- मैलवेयर -恶意 सॉफ्टवेयर
- फिशिंग - सोशल इंजीनियरिंग
- नेटवर्क पर अटैक
- DDoS अटैक - डिस्ट्रिब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस
- SQL इंजेक्शन
- जीरो-डे एक्सप्लॉइट
- DNS टनलिंग
- बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज (BEC)
साइबर सुरक्षा के 5 प्रकार
- क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी
- नेटवर्क सिक्योरिटी
- क्लाउड सिक्योरिटी
- IoT सिक्योरिटी
- एप्लिकेशन सिक्योरिटी
टॉप 10 साइबर सुरक्षा खतरे
- सोशल इंजीनियरिंग
- थर्ड-पार्टी एक्सपोजर
- पैच मैनेजमेंट की कमी
- क्लाउड वल्नरेबिलिटी
- रैंसमवेयर
- कम्प्लायंस ≠ प्रोटेक्शन
- मोबाइल ऐप सिक्योरिटी थ्रेट
- BYOD पॉलिसी जोखिम
गलत डीकमीशनिंग के विशिष्ट खतरे
गलत डीकमीशनिंग (सिस्टम/डिवाइस को ठीक से रिटायर न करना) इन खतरों को जन्म देता है:
- डेटा रिकवरी: पुराने ड्राइव/डिवाइस से संवेदनशील डेटा रिकवर हो सकता है
- क्रेडेंशियल लीक: हार्डकोडेड पासवर्ड, API कीज, सर्टिफिकेट एक्सपोज हो सकते हैं
- नेटवर्क एंट्री पॉइंट: भूल गए अकाउंट्स, अनयूज्ड पोर्ट्स, पुराने VPN एक्सेस
- कम्प्लायंस उल्लंघन: डेटा रिटेंशन/डिस्ट्रक्शन कानूनों का उल्लंघन
- शैडो IT: अनट्रैक्ड सिस्टम्स जो सुरक्षा दायरे से बाहर रह जाते हैं
बचाव के उपाय
- फॉर्मल डीकमीशनिंग पॉलिसी बनाएं
- सर्टिफाइड डेटा डिस्ट्रक्शन (NIST 800-88 स्टैंडर्ड) इस्तेमाल करें
- सभी क्रेडेंशियल्स रोटेट/रिवोक करें
- नेटवर्क एक्सेस कंट्रोल लिस्ट्स अपडेट करें
- एसेट इन्वेंटरी मेंटेन करें और ऑडिट करें
- कम्प्लायंस डॉक्यूमेंटेशन रखें